जगदलपुर , अप्रैल 22 -- छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए की ज्ञानभारतम अभियान के तहत पांडुलिपि सर्वेक्षण एवं संरक्षण कार्यों की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री विकास शील ने कहा कि ज्ञानभारतम अभियान भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जिलों को निर्देशित किया कि जिला स्तरीय समिति गठित कर दुर्लभ पांडुलिपियों का व्यवस्थित सर्वेक्षण कर उनका डिजिटल संरक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरोहर सुरक्षित रह सके।
इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में विभिन्न संस्थानों, मंदिरों, आश्रमों एवं निजी संग्रहों में सुरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों का चिन्हांकन किया जा रहा है। साथ ही उनके संरक्षण एवं सुरक्षित संधारण के लिए आवश्यक कार्यवाही भी की जा रही है।
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