पटना , अक्टूबर 30 -- िहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में शुक्रवार को बिहार स्टेट कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर ) नीति 2025 के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर एक उन्न्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, प्रमुख कॉरपोरेट्स और विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहां मुख्य सचिव ने राज्य के विकास लक्ष्यों को गति देने के लिए सीएसआर फंड को सरकारी प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में वित्त विभाग की सचिव (व्यय) श्रीमती रचना पाटिल तथा वित्त विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बच्चों के कल्याण को सर्वोपरि बताते हुए "बच्चे भविष्य हैं" का संदेश दिया और सभी कॉर्पोरेट संस्थाओं से अपील की कि वे अपने सीएसआर फंड का एक बड़ा हिस्सा राज्य के सरकारी स्कूलों तथा कॉलेजों के बुनियादी ढांचे को विकसित करने में लगाएं। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार लाने के लिए 'फूड बास्केट्स' उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि सभी हितधारक कंपनियों को सीएसआर नीति के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार फंडिंग विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। इसके तहत डोनर्स या तो बिहार स्टेट सीएसआर सोसाइटी के माध्यम से (रूट 1) सीधे फंड ट्रांसफर कर सकते हैं या फिर सीएसआर पोर्टल पर लिस्टेड प्रोजेक्ट शेल्फ से सीधे प्रोजेक्ट चुनकर संबंधित इंप्लीमेंटिंग एजेंसी को (रूट 2) फंड जारी कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों और डोनर्स को पूरी प्रतिबद्धता के साथ इन विकल्पों को धरातल पर उतारने की बात कही।

इस अवसर पर सचिव (व्यय) श्रीमती रचना पाटिल द्वारा बिहार स्टेट सीएसआर नीति 2025 की विस्तृत समयरेखा और इसके विजन पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें पंजीकरण से लेकर फंड उपयोगिता तक के छह चरणों की पूरी प्रक्रिया को समझाया गया।

मुख्य सचिव ने सभी उपस्थित प्रतिनिधियों से बिहार के समावेशी और सतत विकास के विजन से जुड़ने की अपील की, जिससे पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीएसआर फंड का अधिकतम सामाजिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

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