धर्मशाला , जून 06 -- मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को यहां चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारियों के साथ प्रदेश के अधिकारियों, बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ), बीएलओ पर्यवेक्षकों और अन्य कर्मियों के साथ एक बैठक में मतदाता सूचियों को सटीक रखने और मतदान के पात्र हर नागरिक के नाम को सूची में शामिल किये जाने पर बल दिया ।
धर्मकोट बैठक को संबोधित करते हुए सीईसी कुमार ने बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों को देश की चुनाव प्रणाली की रीढ़ बताया। उन्हों अधिकारियों से मतदाता सूची को सटीक और विश्वसनीय बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए इस समय विभिन्न राज्यों में चल रही प्रक्रिया के महत्व पर जोर देते हुए श्री कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान मतदान के पात्र प्रत्येक नागरिक तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आह्वान किया कि ऐसे पात्र लोगों की पहचान करने और उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं जिनके नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को मतदाता सूची से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम उसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
इस बैठक में संवाद के दौरान, नए मतदाताओं की पहचान, प्रवासी मतदाताओं के सत्यापन और मतदाता सूची के अद्यतन से संबंधित जमीनी स्तर की चुनौतियों पर चर्चा की गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और अधिकारियों को चुनाव कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण और रसद संबंधी सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।
श्री कुमार ने चुनाव संबंधी कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्धता बढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।
राज्य में चुनावी तंत्र के सुचारू संचालन पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आग्रह किया।
बैठक में हिमाचल प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीरज चाडला और मुरारी लाल, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी दोरजे ठाकुर के साथ जिला और उपमंडल स्तर के निर्वाचन अधिकारी भी मौजूद थे।
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