पटना , जून 24 -- टना नगर निगम की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत निगम क्षेत्र के सभी अंचलों में थोक अपशिष्ट उत्पादकों की वार्डवार सूची तैयार की जा रही है। पार्षदों की सक्रिय भागीदारी से सभी अंचलों द्वारा पात्र संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों की पहचान कर उन्हें नियमावली के अनुरूप अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
इसी क्रम में पटना नगर निगम मुख्यालय में पांच दिवसीय ओरिएंटेशन सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा, अंचलवार पार्षदों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के प्रमुख प्रावधानों, थोक अपशिष्ट उत्पादकों के अनिवार्य पंजीकरण एवं गीले कचरे का निष्पादन तथा इसके पर्यावरणीय एवं सामाजिक लाभों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के परामर्शी सौरव द्वारा पार्षदों का उन्मुखीकरण किया गया।
कार्यशाला के दौरान वार्ड-वार थोक अपशिष्ट उत्पादकों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर विशेष बल दिया गया। इस कार्य में पार्षदों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण रेखांकित करते कहा गया कि स्थानीय स्तर पर उन्हें अपने क्षेत्र के ऐसे संस्थानों, अपार्टमेंट परिसरों, होटल, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य बड़े प्रतिष्ठानों की जानकारी है, जो प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करते हैं और थोक अपशिष्ट उत्पादक की श्रेणी में आते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित