भोपाल , सितंबर 22 -- मध्यप्रदेश में नागरिकों को सुलभ, सुरक्षित, आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को होगा। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुरुआती चरण में 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस चरण में प्रदेश में लगभग 1500 बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करना, दैनिक यात्रियों को राहत पहुंचाना और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। योजना के तहत बस सेवाओं को इंटरसिटी और इंट्रासिटी दो श्रेणियों में शुरू किया जाएगा। इनमें 120 इंटरसिटी बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच तथा 231 इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर संचालित होंगी।

प्रथम चरण में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड की 351 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इनमें इंदौर की 145 बसें, भोपाल की 106, जबलपुर की 67, रीवा की 18, देवास की 10, कटनी की तीन और भिंड की दो बसें शामिल हैं। इंदौर की बसों में 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी तथा भोपाल की बसों में 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें हैं। जबलपुर की 67 बसों में 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। रीवा, देवास, कटनी और भिंड की बसें इंटरसिटी श्रेणी की हैं।

योजना के तहत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेशभर में लगभग 15 हजार से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी, जिससे प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने की बात कही गई है। इसके साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड, टर्मिनल और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के प्रयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसकी सात सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी।

सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सभी बसों को सात सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी।

जन-निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी। इसके तहत निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, विज्ञापन एवं कार्गो जैसी नॉन-फेयर रेवेन्यू सेवाएं बढ़ाने तथा आधुनिक डिपो और टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन की ओर से भी आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।

यात्री परिवहन सेवा के विस्तार से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलने की बात कही गई है। बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

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