पटना , जुलाई 26 -- र्थिक अभाव अब पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं के सपनों की राह में बाधा नहीं बन रहे हैं। मेधावी छात्र-छात्राओं को देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन, विधि एवं उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार की मुख्यमंत्री व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्शन एवं उत्प्रेरण योजना प्रभावी साबित हो रही है।
योजना के तहत विद्यार्थियों को कैट, मैट, क्लैट, न्यायिक सेवा, नेट, गेट, सीएसआईआर-जेआरएफ, पीएचडी एवं एमफिल जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। विद्यार्थियों को इन प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी के साथ अध्ययन सामग्री के लिए एकमुश्त 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। वर्तमान में राज्य के 10 केंद्रों पर 1,025 छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ लेकर अपने भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
पटना के चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान एवं ललित नारायण मिश्र प्रबंधन संस्थान में कैट मैट की तैयारी कराई जा रही है, जबकि चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी पटना में क्लैट और न्यायिक सेवा परीक्षा की कोचिंग दी जा रही है। इसके अलावा राज्य के पांच विभिन्न विश्वविद्यालयों में नेट, गेट, सीएसआईआर-जेआरएफ, पीएचडी एवं एमफिल की निशुल्क तैयारी की व्यवस्था की गई है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की प्रबंधन, विधि तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक भागीदारी बढ़ाना है।
राज्य सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को उच्च शिक्षा और बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
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