सिंगापुर/लखनऊ , फरवरी 24 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री एवं व्यापार और उद्योग मंत्री तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के समन्वय मंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात की।

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति में हुई इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में सिंगापुर की विशेषज्ञता और निवेश को आकर्षित करना रहा। चर्चा का केंद्र शहरी नियोजन, आंतरिक सुरक्षा ढांचे और डिजिटल गवर्नेंस में सहयोग बढ़ाने पर रहा।

उप-प्रधानमंत्री गान किम योंग के साथ हुई बातचीत में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के 'प्रो-बिजनेस' वातावरण, व्यापक लैंड बैंक और जल्द शुरू होने जा रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की रणनीतिक कनेक्टिविटी का उल्लेख किया।

बैठक में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सिंगापुर की कंपनियों द्वारा औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

विशेष रूप से सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन हाइड्रोजन मॉड्यूल जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश सहयोग पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली को प्रभावी बनाया है, जिससे बड़े प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति और क्रियान्वयन की समय-सीमा में उल्लेखनीय कमी आई है।

गृह मंत्री के. शनमुगम के साथ बैठक में राज्य की सुदृढ़ होती कानून-व्यवस्था और उसके आधुनिकीकरण पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने तकनीक-एकीकृत पुलिसिंग मॉडल, साइबर सुरक्षा ढांचे और आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल के क्षेत्र में सिंगापुर के अनुभव से सीख लेने की इच्छा जताई।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण तैयार किया गया है, जो वैश्विक निवेशकों के विश्वास को मजबूत करता है।

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