पटना , अगस्त 26 -- िहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में महिलाएं स्वरोजगार की ओर अग्रसर हैं और सफलता हासिल कर रही हैं। इसका सफल उदाहरण मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के आंकड़ों से स्पष्ट होता है। उद्योग विभाग के अनुसार, इस योजना के माध्यम से अब तक 9,100 से अधिक महिलाओं ने अपना व्यवसाय स्थापित कर कीर्तिमान रचा है। सरकार की ओर से इन महिलाओं को 671 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ प्रदान किया गया है। इस राशि की मदद से हजारों ग्रामीण एवं शहरी महिलाएं आज आत्मनिर्भर होकर अपना रोजगार चला रही हैं और अपने साथ-साथ अन्य लोगों को भी आय का साधन उपलब्ध करा रही हैं।

बांका जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड के भीतिया गांव की ममता कुमारी को मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के अंतर्गत आटा-बेसन उत्पादन परियोजना के लिए सात लाख रुपये की राशि मिली। आज ममता कुमारी प्रतिमाह 50 हजार रुपये कमा रही हैं और अपनी इकाई में पांच अन्य लोगों को रोजगार भी दिया है। इसी प्रकार बांका जिले के बाराहाट प्रखंड के नया नगरी गांव में रहने वाली बबीता कुमारी ने योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से अपने घर पर फुटबॉल बनाने की इकाई स्थापित की। वर्तमान में आसपास की कुल 50 महिलाओं को इस इकाई से जुड़कर रोजगार मिला है। उनका वार्षिक टर्नओवर अब लगभग 40 लाख रुपये हो चुका है। बबीता की इकाई में निर्मित फुटबॉल बिहार के अलावा बंगाल, झारखंड, ओडिशा और असम में भेजे जा रहे हैं।

कैमूर जिले में कुमारी सरिता यादव ने अपने शौक को रोजगार का रूप दिया। चांद प्रखंड के महादेछ गांव की कुमारी सरिता यादव इंटर पास गृहिणी थीं, जिन्हें केक बनाना पसंद था। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना से वित्तीय सहायता मिलने के बाद उन्होंने एक बेकरी खोली। यहां गांव के चार अन्य लोग भी काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें गांव में ही आय का अच्छा साधन उपलब्ध हो गया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के अंतर्गत महिलाओं को नया व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रति इकाई परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 5 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण तथा 50 प्रतिशत अधिकतम 5 लाख विशेष प्रोत्साहन (अनुदान) उपलब्ध कराया जाता है।

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