भागलपुर , मई 13 -- बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तहत राज्य कौशल विकास मिशन की ओर से बुधवार को मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना एवं राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना को लेकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ चौधरी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना एवं अन्य कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न इंडस्ट्रीज एवं कॉलेजों के प्राचार्यों को आमंत्रित किया गया है।उन्होंने कहा कि सभी संबंधित संस्थानों को यह दायित्व दिया गया है कि बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत निर्धारित लक्ष्य को पूरा करते हुए अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नामांकित करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना भी जरूरी है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को व्यवहारिक अनुभव एवं तकनीकी दक्षता प्रदान की जाएगी, जिससे वे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार एवं बिहार सरकार द्वारा लगभग 50 दिनों की ट्रेनिंग अवधि के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को इंटर्नशिप के रूप में प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिससे युवाओं में कौशल प्रशिक्षण के प्रति रुचि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हर कार्य महत्वपूर्ण होता है, चाहे सुई बनाने का कार्य हो या बड़ा विमान बनाने का, सभी कार्यों का अपना अलग महत्व है और किसी भी कार्य को दूसरे कार्य से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता, इसलिए युवाओं को हर क्षेत्र एवं हर प्रकार के कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।
डॉ चौधरी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस कार्यशाला से भागलपुर जिले में कौशल विकास एवं रोजगार सृजन को नई दिशा मिलेगी तथा अधिकाधिक युवा योजनाओं से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
इस मौके पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, हेमंत कुमार, मिशन प्रबंधक किशोर कुमार प्रसाद, उप निदेशक (नियोजन) शंभु नाथ सुधाकर ने भी संबोधित किया।
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