झाबुआ , जुलाई 31 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज झाबुआ जिले की थांदला तहसील में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन सम्मेलन में प्रदेशभर के महिला स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वरोजगार को नई गति मिलेगी।

थांदला के शासकीय महाविद्यालय खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं और आज वितरित किया गया ऋण महिलाओं के विकास का नया मार्ग प्रशस्त करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है तथा कृषि क्षेत्र में महिला स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने देश में सर्वाधिक गेहूं खरीदी की है और प्रदेश में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं अलग-अलग भूमिकाओं में कार्य कर रही हैं। उनके अनुसार महिला समूहों ने अब तक 958 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी नागरिकों को समान अधिकार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) संबंधी विधेयक को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत तथा स्थानीय निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।

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