तिरुवनंतपुरम , अगस्त 15 -- मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शनिवार को राज्य के लोगों से एक ऐसा आधुनिक और खुशहाल केरल बनाने का आह्वान किया जो लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, बराबरी और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास करता हो।
मुख्यमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में 15 अगस्त, 1947 को आजादी के लिए भारत की ऐतिहासिक आधी रात की जागृति को याद किया और भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को उद्धृत किया कि आने वाले दिन आसान या आरामदायक नहीं होंगे बल्कि देश से किए गए वादों को पूरा करने के लिए लगातार कोशिश की मांग करेंगे। श्री नेहरू ने इस बात पर जोर दिया था कि भारत की सेवा करने का मतलब भूख, अशिक्षा, बीमारी और असमानता से पीड़ित लाखों लोगों के लिए काम करना और हर आंख से आंसू पोंछने की कोशिश करना है। श्री सतीशन ने कहा कि उनके शब्द आज भी प्रासंगिक है और इस बात पर जोर दिया कि "जब तक आंसू और दुख हैं, हमारी मेहनत खत्म नहीं हो सकती।"उन्होंने कहा कि केरल का नया युग दया, सेवा की भावना और सहनशीलता पर आधारित होना चाहिए। राज्य की आगे की यात्रा में विकास पर आधारित गतिविधियों को संवैधानिक मूल्यों और धर्मनिरपेक्षता के साथ जोड़ना चाहिए, साथ ही युवा पीढ़ी और वरिष्ठ नागरिक दोनों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा, "आधुनिक केरल नये विचारों वाला केरल, एक समृद्ध और खुशहाल केरल, एक सुरक्षित केरल और एक ऐसा केरल जो भारत को रास्ता दिखा सके।" यह सबका मकसद होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक सिद्धांतों, समानता और न्याय के साथ-साथ प्रकृति के अनुकूल और जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखकर किया जाने वाला विकास आज के समय की जरूरत है। लोगों को जाति, धर्म, लिंग-भेद, राजनीतिक पूर्वाग्रह और नफरत को भुलाकर कंधे से कंधा मिलाकर अथक प्रयास करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित