बीजापुर , जून 02 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित कोण्डापल्ली गांव में मंगलवार को सुशासन तिहार के दौरान पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी की एक प्रेरक मिसाल देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनचौपाल के लिए जाते समय सड़क किनारे स्थित एक किराना दुकान पर रुककर आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती से मुलाकात की तथा उनकी दुकान से पानी की बोतल खरीदी।
यह दुकान कभी नक्सली संगठन से जुड़े रहे मासा तामो और जयमोती द्वारा संचालित की जा रही है, जिन्होंने अक्टूबर 2025 में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री ने दंपत्ति से बातचीत कर उनके प्रयासों की सराहना की और कहा कि आत्मनिर्भरता नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि अवसर और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकता है।
मासा तामो ने बताया कि आर्थिक तंगी और विपरीत परिस्थितियों के कारण वह वर्ष 2007 में नक्सली संगठन से जुड़ गया था। वहीं जयमोती भी बचपन में माता-पिता को खोने के बाद कठिन परिस्थितियों में संगठन तक पहुंची थीं। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह किया। समय के साथ दोनों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने का फैसला किया और आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण के बाद बीजापुर पुनर्वास केंद्र में उन्हें शिक्षा, अक्षर ज्ञान और कौशल विकास प्रशिक्षण से जोड़ा गया। प्रशासन की ओर से राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और बैंक खाते सहित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया, जिससे उन्होंने कोण्डापल्ली में किराना दुकान शुरू की।
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