विजयवाड़ा , मई 08 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को जन शिकायत निवारण प्रणाली (पीजीआरएस) को मजबूत करने के लिए 'प्रजा दरबार' के समान एक मंच शुरू करने का ऐलान किया है।
उन्होंने अधिकारियों को लोगों का विश्वास जीतने के लिए सार्वजनिक शिकायतों का समाधान तुरंत, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों को शिकायतों के समाधान के लिए मिलकर काम करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सिंगापुर के शिकायत निवारण मॉडल से प्रेरणा लेते हुए समस्याओं के तेज और अधिक स्थानीय स्तर पर समाधान की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें मंडल स्तर भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित सातवें जिला कलेक्टरों के सम्मेलन के दूसरे दिन फाइल निपटान प्रणाली, सार्वजनिक शिकायत निवारण, डेटा एकीकरण, एडब्ल्यूएआरई और व्हाट्सप गर्वनेंस सहित प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा की।
उन्होंने सार्वजनिक शिकायतों के समाधान में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को शिकायत निवारण में किसी भी तरह की लापरवाही के प्रति आगाह किया। मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में ई-फाइल निपटान की समय-सीमा में हुए महत्वपूर्ण सुधार की सराहना की और बताया कि पिछले तीन महीनों में औसत निपटान समय लगभग 10 दिनों से घटकर लगभग 2 दिन रह गया है।
श्री नायडू ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने को मंत्रियों, मुख्य सचिव साई प्रसाद, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और सचिवों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारी कार्यभार के बावजूद कुछ फाइलों का निपटान कुछ ही घंटों में कर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फाइल निपटान की गति को और बढ़ाएं और न्यूनतम मैनुअल फाइलों के साथ लगभग पूरी तरह से डिजिटल शासन प्रणाली की ओर आगे बढ़ें।
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