पटना, जून 29 -- िहार के ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों और नालों के कारण उत्पन्न होने वाली आवागमन संबंधी चुनौतियों को स्थायी रूप से दूर करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य उन ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी संपर्कता प्रदान करना है, जहां बरसात और बाढ़ के दौरान यातायात अक्सर बाधित हो जाता है। इस दिशा में विभाग ने राज्यभर में 909 नए पुलों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करते हुए ग्रामीण आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निविदा और एकरारनामा प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। इस दिशा में कुल स्वीकृत पुलों में से 672 पुलों के निर्माण के लिये एकरारनामा किया जा चुका है, जिनकी कुल लंबाई 35,075 मीटर है। इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य विभिन्न जिलों में तेज गति से किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पूर्वी चंपारण जिले में सर्वाधिक 76 पुलों की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से 59 पुलों का एकरारनामा हो चुका है। वहीं दरभंगा में 53, सीतामढ़ी में 43, मधुबनी में 42 तथा गया जिले में 38 पुलों की स्वीकृति देकर ग्रामीण संपर्कता को मजबूत करने की दिशा में विशेष पहल की गई है। इसके साथ ही राज्य में अब तक कुल 1,410 मीटर पुलों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। सीवान, पूर्णिया और रोहतास जिलों में पुलों का निर्माण पूर्ण कर यातायात को सुगम बनाया जा चुका है। वहीं शेखपुरा, पूर्वी चंपारण, भागलपुर, मधुबनी, समस्तीपुर और गोपालगंज सहित अन्य सभी जिलों में निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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