पटना , अप्रैल 27 -- ाज्य के प्रत्येक गाँव और बसावट तक बारहमासी पक्की सड़क संपर्कता सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना (अवशेष) के अंतर्गत व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।

पूर्व में भौगोलिक, तकनीकी अथवा अन्य कारणों से जो गाँव सड़क संपर्कता से वंचित रह गए थे, उन्हें अब इस योजना के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर मुख्य मार्गों से जोड़ा जा रहा है। यह पहल ग्रामीण संपर्कता के विस्तार के साथ-साथ समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत राज्य में कुल 8,034 किमी ग्रामीण सड़कों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं अब तक 2,485 किमी पक्की सड़कों का सुदृढ़ नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। इन ग्रामीण सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की दशकों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है। अब ऐसे गाँव जहाँ पहले वाहनों की पहुँच सीमित थी, वहाँ एम्बुलेंस, स्कूल वाहन और परिवहन सेवाएँ सीधे उपलब्ध हो रही हैं। इससे न केवल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बेहतर हुई है, बल्कि किसानों और स्थानीय उत्पादकों को अपनी उपज बाजारों तक समय पर पहुँचाने में भी सुविधा मिल रही है।

ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता और सतत निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही विकास के दायरे से बाहर रह गए क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुदृढ़ आधारभूत संरचना के माध्यम से मुख्यधारा में शामिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

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