भोपाल , जून 01 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक सार्वजनिक सभा में की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस प्रकार की भाषा किसी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति की गरिमा के अनुरूप नहीं है।माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मुख्य विपक्षी दल के नेता के लिए प्रयुक्त भाषा राजनीतिक मर्यादा और सामान्य शिष्टाचार के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी की चुप्पी से उनकी सहमति का संकेत मिलता है।
उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में असहमति और विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनिवार्य अंग हैं। किसी भी राजनीतिक मतभेद का उत्तर तार्किक संवाद से दिया जाना चाहिए, न कि अमर्यादित भाषा के प्रयोग से।
श्री सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा के एक विधायक द्वारा दिए गए विवादित बयानों पर भी पार्टी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने कहा कि इससे सार्वजनिक जीवन में शालीनता और राजनीतिक मर्यादा के प्रति उदासीनता का संदेश जाता है।
माकपा ने मुख्यमंत्री की कथित टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले सभी लोगों को इस प्रकार की भाषा का विरोध करना चाहिए।
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