मुंबई , सितंबर 09 -- देश की वाणिज्यिक नगरी मुंबई मेंं भगवान विष्णु को समर्पित 12 साल की महायात्रा का औपचारिक शुभारंभ 21 जनवरी 2027 को महालक्ष्मी रेसकोर्स से किया जाएगा। जिसके आयोजक इस आध्यात्मिक यात्रा को पूरे भारत में ले जाने की योजना बना रहे हैं।

मुंबई में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान आयोजकों ने बुधवार को इसकी घोषणा की।

इस महायात्रा का आयोजन सद्गुरु श्री लोकेशनंदजी महाराज, संस्थापक श्री नारायण भक्ति पंथ, के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस यात्रा का मकसद भगवान नारायण पर केंद्रित एक लंबी आध्यात्मिक यात्रा के जरिए भक्तों को एक साथ लाना है।

आयोजकों के मुताबिक यात्रा का एक बड़ा आकर्षण शेषशायी रूप में विराट नारायण की 30 टन की ठोस पंचधातु महामूर्ति होगी, साथ में देवी लक्ष्मी भी होंगी। इस 15 फुट लंबी मूर्ति को अपनी तरह की दुनिया की एकमात्र पूरी तरह से ठोस पंचधातु मूर्ति बताते हैं। मूर्ति में 12 किलो सोना, 300 किलो चांदी, 21 टन तांबा, नौ टन जिंक और रोंगा मेटल है।

शेषनाग के फन पर लगभग सात फुट ऊंची मूर्ति को 30 कुशल कारीगरों ने एक वर्ष की कड़ी मेहनत से बनाया है। इस पंचधातु महामूर्ति अनुमानित लागत 30 करोड़ रुपये है। इस मूर्ति में ब्रह्मा और शिव के अलावा शेषनाग और गरुड़ भी हैं। आध्यात्मिक कार्यक्रम के दौरान मूर्ति को आम लोगों के दर्शन और अलग-अलग तरह की पूजा और अर्चना के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

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