मुंबई , सितंबर 07 -- मुंबई में बच्चों के साथ दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है और इस वर्ष जुलाई तक ऐसे 400 मामले सामने आए हैं।
मुंबई पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 31 जुलाई तक शहर में नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के 400 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 364 मामले दर्ज हुए थे। इस तरह के मामलों में 36 की बढ़ोतरी हुई है। यौन उत्पीड़न के कुल मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है, जुलाई के अंत तक 741 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2025 की इसी अवधि में 710 मामले दर्ज हुए थे। आंकड़ों के अनुसार पुलिस ने अब तक इनमें से 709 मामलों का पता लगा लिया है।
अधिकारियों ने बताया कि दुष्कर्म के कुल मामलों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत दर्ज मामले हैं। यह धारा धोखे से यौन संबंध बनाने (जैसे शादी का झूठा वादा करके) से संबंधित है। इस प्रावधान के तहत दर्ज मामलों की संख्या पिछले साल इसी अवधि के 139 से बढ़कर इस साल 212 हो गई है। पुलिस के आंकड़ों से यह भी पता चला कि 129 मामले महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म की अन्य श्रेणियों से संबंधित थे।
अधिकारियों और बाल-सुरक्षा समर्थकों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ अपराधों में लगातार बढ़ोतरी ने नाबालिगों के लिए मौजूदा सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है और बेहतर रोकथाम तंत्र की आवश्यकता को उजागर किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के शोषण को रोकने और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए समुदायों में जागरूकता, माता-पिता की कड़ी निगरानी और संदिग्ध दुर्व्यवहार की तुरंत रिपोर्टिंग बहुत जरूरी है।
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