मुंबई , अक्टूबर 29 -- महाराष्ट्र सरकार से मुंबई पुलिस ने गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर ले जाने पर रोक लगाने वाले आदेश में कुछ समय के लिए ढील देने के लिए केंद्र से दखल देने की मांग की है, ताकि बाबा सिद्दीकी हत्याकांड मामले में उससे हिरासत में पूछताछ की जा सके।

यह कदम मामले के दूसरे आरोपियों के खिलाफ सुनवाई से पहले उठाया गया है। सूत्रों के मुताबिक मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र गृह विभाग को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह इस मामले को केंद्र के सामने उठाए और पांच दिसंबर, 2025 के आदेशमें ढील देने की मांग करे। विभाग ने अभी तक पत्र का जवाब नहीं दिया है।

जांच एजेंसी का मानना है कि बिश्नोई से हिरासत में पूछताछ करने से महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ राकांपा बाबा सिद्दीकीकी हत्या के पीछे की कथित बड़ी साज़िश का पता लगाने और अपराध में उसकी संदिग्ध भूमिका को साफ करने में मददमिल सकती है।

पुलिस ने बिश्नोई को वांछित आरोपी और हत्या का कथित मास्टरमाइंड बताया है और दावा किया है कि अब तक गिरफ्तार किए गए 27 आरोपियों ने उसके कहने पर काम किया। पुलिस ने हालांकि विशेष अदालत को बताया है कि उन्होंने उससे पूछताछ नहीं की है।

पुलिस ने जुलाई में दिल्ली में विशेष एनआईए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें हत्या की जांच के लिए बिश्नोई की हिरासत लेने की इजाज़त मांगी गई थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दर्ज किए गए एक अलग मामले में सुनवाई खत्म होने तक उसे जेल से हटाने पर रोक लगाने वाले केंद्र सरकार के आदेश को देखते हुए आवेदन खारिज कर दिया गया था।

यह रोक मुंबई पुलिस के लिए एक रुकावट बन गई है, जो हत्या के आसपास की कथित साज़िश की जांच के लिए बिश्नोई से पूछताछ करना चाहती है। इस बीच अभियोजक ने बुधवार को विशेष महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) अदालत के सामने एक सीलबंद लिफाफे में एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें बिश्नोई की गिरफ्तारी के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है।

यह जानकारी पिछली सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा बिश्नोई को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई केबारे में उठाए गए सवाल के बाद दी गयी। अभियोजन ने रिपोर्ट को गोपनीय रख जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा किइसके खुलासे से जांच के संवेदनशील पहलू और एजेंसी की रणनीति की जानकारी सामने आ सकती हैं।

अदालत ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट को एक सीलबंद लिफाफे में रखा जाए।

सिद्दीकी की पत्नी शहज़ीन ने जुलाई में अपने वकीलों, त्रिवेंद्र कुमार करनानी और प्रदीप घरात के ज़रिए विशेष मकोका अदालत में याचिका दायर कर पुलिस को बिश्नोई को गिरफ्तार करने के निर्देश देने का आग्रह किया गया था।

विदित हो कि महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ राकांपा नेता सिद्दीकी की अक्टूबर 2024 में मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जांच में कथित अपराधियों की भूमिका का पता लगाने और यह तय करने की कोशिश की गई है कि क्या यह अपराध किसी बड़ी आपराधिक साज़िश का हिस्सा था। बिश्नोई को हत्याकांड मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है और वह अभी भी वांछित आरोपी के तौर पर नामित है।

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