मुंबई , अगस्त 04 -- मुंबई के कामा अस्पताल का मानव दुग्ध बैंक (ह्यूमन मिल्क बैंक) हजारों नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायिनी पहल बनकर उभरा है।
इस बैंक के माध्यम से समय से पहले जन्मे तथा नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती शिशुओं सहित सात हजार से अधिक बच्चों को दान किया गया स्तनपान का दूध उपलब्ध कराया गया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार पिछले तीन वर्षों में स्तनपान कराने वाली माताओं से 1,200 लीटर से अधिक मानव दुग्ध एकत्र किया गया है। इस दान किये गये दूध से उन नवजातों के उपचार और जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण सहायता मिली है, जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध उपलब्ध नहीं हो सका।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि दान किये गये मानव दुग्ध के उपयोग से नवजातों में संक्रमण का खतरा कम हुआ है, उनका वजन बेहतर ढंग से बढ़ा है, शिशु मृत्यु दर में कमी आयी है तथा कृत्रिम दूध पर निर्भरता भी घटी है। इस पहल से गंभीर रूप से बीमार और समय से पहले जन्मे बच्चों के परिजनों को भी बड़ी राहत मिली है।
मानव दुग्ध बैंक का संचालन अधिष्ठाता डॉ. जितेंद्र देशमुख, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तुषार पालवे तथा मैट्रन निरुपमा डोंगरे के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्रत्येक दान किये गये दूध की कड़ी जांच, पाश्चुरीकरण और सुरक्षित भंडारण के बाद ही पात्र नवजातों को उपलब्ध कराया जाता है, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित होता है।
अस्पताल ने स्तनपान कराने वाली माताओं से अधिक से अधिक संख्या में मानव दुग्ध दान करने की अपील की है, ताकि जरूरतमंद नवजातों को इसका लाभ मिल सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित