मुंबई , मई 05 -- जसप्रीत बुमराह, आईपीएल 2026 में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं और ज़्यादातर बातें इस बारे में रही हैं कि वह विकेट नहीं ले पा रहे, उनकी रफ्तार कम दिख रही है और मुंबई इंडियंस उन्हें हमेशा सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रही है। जबकि मुंबई कैंप के लोग यह कहते नजर आ रहे हैं कि बुमराह "चुनौती के लिए तैयार हैं" और "जब विकेट लेने का समय आएगा, वह विकेट ले लेंगे"।

सोमवार रात वानखेड़े में लखनऊ सुपर जायंट्स के ख़िलाफ़ भी उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। यह इस सीज़न का सातवां ऐसा मैच था, जब उन्हें कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने इस दौरान इस मैच में 45 रन दिए।

ईएसपीएन क्रिकइंफो के टाइमआउट शो में संजय बांगड़ और वेदा कृष्णमूर्ति ने सुझाव दिया है कि मुंबई टीम प्रबंधन को बुमराह से बात करनी चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि क्या वह ब्रेक लेना चाहते हैं?वेदा ने कहा, "टीम प्रबंधन, कोच, कप्तान, उपकप्तान सूर्या (कुमार यादव) या फिर रोहित (शर्मा), ईमानदारी से बैठकर उनसे बात कर सकते हैं। उनसे पूछ सकते हैं: 'क्या आप अंदर से 100 प्रतिशत फ़िट महसूस कर रहे हैं'; 'क्या आप एक-दो मैच का ब्रेक लेना चाहते हैं'। ताकि वह तरोताज़ा होकर लौटें। उनसे यह पूछा जा सकता है और उम्मीद की जा सकती है कि वह ईमानदारी से जवाब देंगे। और अगर वह कहते हैं 'नहीं, मैं खेलने के लिए तैयार हूं', तो शायद हम उनका बेहतर वर्ज़न देखेंगे, क्योंकि वह और ज़्यादा मेहनत करेंगे। एक ईमानदार बातचीत ज़रूरी है, ताकि यह साफ़ हो सके कि उन्हें ब्रेक चाहिए या वह खेल सकते हैं।"इस सीज़न बुमराह के साधारण प्रदर्शन के साथ मुंबई का खराब प्रदर्शन भी जुड़ा हुआ है। टीम 10 मैचों में तीन जीत के साथ अंक तालिका में नौवें स्थान पर है। बांगड़ का मानना है कि मुंबई को बुमराह के बिना खेलने के लिए भी तैयार रहना चाहिए, भले ही इसका मतलब सीजन खराब जाना हो।

बांगड़ ने कहा, "यह इस पर भी निर्भर करता है कि कोच और टीम प्रबंधन क्या सोच रहे हैं। अगर मुंबई बुमराह के बिना खेलने के लिए तैयार है, अगर मुंबई नीचे के स्थान पर सीजन खत्म करने के लिए तैयार है, तो शायद बुमराह बाक़ी मैच न खेलने का फ़ैसला ले सकते हैं।"सोमवार को बुमराह ने एलएसजी की पारी का दूसरा ओवर डाला और 10 रन दिए। लेकिन चौथा ओवर काफ़ी घटनाओं से भरा रहा। ज़्यादातर गेंदें शॉर्ट पिच थीं। तीसरी गेंद वाइड, जिस पर दो रन बने। अगली गेंद मिचेल मार्श ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से छक्का मारा। फिर नो-बॉल, जिस पर चौका लगा। फ़्री-हिट पर भी चौका। कुल आठ गेंदों में 21 रन।

इसके बाद वह हटाए गए और 14वें ओवर में वापस आए। इस बार ओवर पूरा करने में नौ गेंदें लगीं। हालांकि एडन मारक्रम और हिम्मत सिंह की धीमी बल्लेबाज़ी की वजह से उन्होंने सिर्फ़ सात रन दिए। एक विकेट जैसा मौक़ा भी आया, लेकिन नो-बॉल के कारण हिम्मत बच गए। आख़िर तक मारक्रम और हिम्मत के रहने के बावज़ूद बुमराह ने 19वें ओवर में भी सिर्फ़ सात रन दिए।

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