मुंगेर, अप्रैल 23 -- बिहार में मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर के आदेश से शहर के पुराने गौरव कृष्ण सेवा समिति पुस्तकालय की गरिमा को वापस लाने की कोशिश शुरू हुई है।
मुंगेर जिला मुख्यालय में लाल किले के पूर्वी दरवाजे के पास स्थित यह पुस्तकालय ज्ञान के मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है और विगत 74 वर्षों से लाखों विद्यार्थियों के ज्ञान अर्जन का केंद्र रहा है।
इस पुस्तकालय एक समृद्धि इतिहास है और मुंगेर जिला प्रशासन ने उस पुराने गौरव को वापस लौटाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
इस पुस्तकालय में कई दशकों तक श्रीकृष्ण सेवा सदन पुस्तकालय ,पढाई कक्ष, मुफ्त दवाखाना, मोबाइल लाइब्रेरी ,बच्चों तथा महिलाओं का अलग कक्ष, फाइन आर्ट सेंटर, जिम्नेजियम और गांधियन पढाई केंद्र कार्यरत था और बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के बीस हजार पुस्तकों के संग्रह के साथ इस लाइब्रेरी की गिनती देश के श्रेष्ठ पठन केंद्रों के रूप में होती थी।
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