बैतूल , जुलाई 27 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी स्थित संदीपनी विद्यालय में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' विषय पर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को बाल सुरक्षा, महिला अधिकार, साइबर सुरक्षा तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी बृजेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन तथा वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक अनामिका तिवारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
वन स्टॉप सेंटर की एडमिनिस्ट्रेटर शिखा भौरासे ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी प्रकार की असुरक्षा, हिंसा, उत्पीड़न अथवा शोषण की घटना को छिपाने के बजाय तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें, ताकि समय पर सहायता और कानूनी संरक्षण मिल सके।
उन्होंने विद्यार्थियों को लैंगिक समानता, बाल अधिकार, पॉक्सो अधिनियम, बाल सुरक्षा उपायों तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की जानकारी दी। साथ ही आपातकालीन स्थिति में उपलब्ध विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी अवगत कराया।
वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर सोफिया पीटर ने केंद्र की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि संकटग्रस्त महिलाओं और बालिकाओं को एक ही स्थान पर परामर्श, कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा, अस्थायी आश्रय तथा अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
विद्यालय के प्राचार्य विवेक तिवारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण बनाए रखने तथा किसी भी समस्या की जानकारी समय पर साझा करने के लिए प्रेरित किया।
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