मिर्जापुर , जून 23 -- मिर्जापुर जिला प्रशासन ने जिले में चल रहे सभी कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है।अब सभी कोचिंग सेंटर अग्निशमन विभाग की एनओसी लेने के बाद ही कोचिंग का संचालन कर सकेंगे। जांच के बाद आदेश के बाद कोचिंग सेंटरों पर हड़कंप मचा गया है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मंगलवार को नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार के नेतृत्व में एक प्रशासनिक टीम गठित कर सघन जांच के आदेश दिए। प्रशासन की टीम पूरे नगर क्षेत्र में कोचिंग सेंटरों को खगला। किसी भी सेन्टर के पास फायर उपकरण नही मिले। फायर की एनओसी की बात ही अलग है।
नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने बताया कि लखनऊ की घटना को दृष्टिगत जांच की जा रही है है। उन्होंने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक के यहां कुल 35 कोचिंग सेन्टरो का रजिस्ट्रेशन हुए हैं। गैर पंजीकृत की संख्या अलग है। कई कोचिंग सेंटरों की जांच की गई। उन्हें अग्नि समन विभाग से एनओसी लेने की हिदायत दी गई।साथ ही साथ तब तक कोचिंग सेंटरों को न चलाने का आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बगैर रजिस्ट्रेशन के चल रहे कोचिंग सेंटरों की भी जांच की जा रही है। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि सभी सेन्टर संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।तब तक कोचिंग बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
जिले में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों में हड़कंप मचा हुआ है। जिला प्रशासन के आदेश का अनुपालन इतना आसान नही है। अपने विशेष कार्य पद्धति के लिए कुख्यात इस विभाग से एनओसी लेना इतना आसान नही रहेगा। फिलहाल यहां सभी कोचिंग सेंटर तत्काल प्रभाव से बंद हो गये है।
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