वाराणसी , मार्च 3 -- काशी के डोमरी क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से विकसित किए जा रहे मियावाकी वन (ऑक्सीजन क्लब) को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं को नगर निगम ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मंगलवार को वन के अस्तित्व को लेकर गलत वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गई है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण सुधार की इस महत्वपूर्ण परियोजना को बाधित करने वाले असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भ्रामक खबरों का संज्ञान लेते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ डोमरी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर महापौर ने पाया कि लगाए गए सभी पौधे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ स्थिति में हैं तथा उनकी नियमित सिंचाई भी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान संतोष व्यक्त करते हुए महापौर ने कहा कि मियावाकी तकनीक एक स्थापित वैज्ञानिक पद्धति है और शहर के पर्यावरण को बचाने के लिए विकसित हो रहे इस वन को नष्ट करने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे प्रशासन की इस मुहिम का हिस्सा बनें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त ने मौके पर ही कई कड़े फैसले लिए। उन्होंने वन क्षेत्र की निगरानी के लिए 25 सीसीटीवी कैमरे लगाने और एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए 20 हाईमास्ट लाइटें लगाने का निर्णय लिया गया है। तत्काल प्रभाव से यहाँ 10 सुरक्षा गार्डों की तैनाती भी कर दी गई है, जो चौबीसों घंटे वन की रखवाली करेंगे।
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