मिदनापुर , अप्रैल 23 -- पश्चिम बंगाल के राजनीतिक रूप से संवेदनशील तीन जिलों-पश्चिम मिदनापुर, पूर्वी मिदनापुर और झारग्राम में मतदान लगभग शांतिपूर्ण माहौल में हुआ। इस दौरान हालांकि हिंसा और प्रशासनिक टकराव के छिटपुट आरोप भी लगे लेकिन मतदाताओं के उत्साह ने मतदान के आंकड़ों को रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा दिया।

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार शाम पांच बजे तक पश्चिम मिदनापुर में 90.70 प्रतिशत, पूर्वी मिदनापुर में 88.55 प्रतिशत और झारग्राम में 90.53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर हुए पहले चरण के मतदान में लोगों की भारी चुनावी भागीदारी को दर्शाता है।

जंगलमहल क्षेत्र के चुनावी इतिहास को देखते हुए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी। केंद्रीय बलों और राज्य पुलिसकर्मियों की निगरानी में मतदान संपन्न हुआ। अधिकारियों ने कुल मिलाकर स्थिति को नियंत्रण में बताया। कुछ छिटपुट घटनाओं ने हालांकि राजनीतिक विवादों को जन्म दिया।

पश्चिम बंगाल में चुनावी मुकाबला बेहद ध्रुवीकृत रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदिया जिले के कृष्णनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी अभियान को और तेज करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सीधे तौर पर नाम लिए बिना आरोप लगाया कि राज्य में जनता का मिजाज तृणमूल के खिलाफ हो गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस बार पार्टी को कई शहरी इलाकों में अपना खाता खोलने के लिए भी संघर्ष करना पड़ सकता है।

राजनीतिक माहौल तब और गरमा गया जब भाजपा नेता और नंदीग्राम के विधायक सुवेंदु अधिकारी ने अपने विधानसभा क्षेत्र में मतदान भी किया। उन्होंने दावा किया कि यदि मतदाता सूचियों से उन लोगों के नाम हटा दिए जाएं जिन्हें उन्होंने फर्जी और मृत मतदाता करार दिया है, तो सत्ताधारी पार्टी को चुनावी मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

श्री अधिकारी ने मतदान करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हम हिंदू हैं, हम सनातनी हैं। मैंने पूजा-अर्चना की और अपना सम्मान व्यक्त किया। मैंने मतदान केंद्रों पर मौजूद एजेंटों से भी बात की। चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहना चाहिए।"उन्होंने एक सुचारू चुनावी प्रक्रिया पर अपना भरोसा जताते हुए परोक्ष रूप से मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए।

दूसरी ओर तृणमूल ने कुछ विशेष इलाकों में सुरक्षा बलों की भूमिका और राजनीतिक दबाव-धमकी को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। तृणमूल के घाटाल से उम्मीदवार श्यामली सरदार ने आरोप लगाया कि सुल्तानपुर में बूथ नंबर 14 का दौरा करते समय भाजपा के गुंडों ने उन पर हमला किया। इन आरोपों की हालांकि अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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