लखनऊ , मार्च 14 -- उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील कार्यक्रम को निर्बाध बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने निगरानी व्यवस्था और सख्त कर दी है। मिड-डे मील (एमडीएम) अथॉरिटी ने सभी जिलों से हर महीने कुकिंग गैस एलपीजी की जरूरत और उससे जुड़ी अन्य जानकारियों का डेटा जुटाना शुरू कर दिया है।

अधिकारियों के मुताबिक यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है, जिनमें कुछ स्कूलों में एलपीजी सिलेंडरों की कथित अनियमित आपूर्ति के कारण मिड-डे मील बनाने में दिक्कत आने की बात सामने आई थी। यह डेटा केंद्र सरकार को भी भेजा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जिला समन्वयकों से हर महीने एलपीजी सिलेंडरों की खपत, मिड-डे मील परोसने वाले स्कूलों की संख्या और छात्रों के नामांकन का विवरण मांगा गया है।

महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) और मिड-डे मील की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहीं मोनिका रानी ने बताया कि सभी 75 जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी जिला पूर्ति अधिकारियों के संपर्क में हैं और अब तक कहीं भी सिलेंडरों की आपूर्ति में बाधा नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मिड-डे मील वितरण पर लगातार नजर रख रही है। राज्य में करीब 1.48 करोड़ छात्रों को प्रतिदिन गर्म पका हुआ मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाता है, जो कई राज्यों के कुल छात्र नामांकन के बराबर है।

प्रयागराज जिले में लगभग 3,200 स्कूलों जिनमें बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ अल्पसंख्यक और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालय शामिल हैं उसमें करीब 3.7 लाख छात्र नामांकित हैं। इन स्कूलों में मिड-डे मील बनाने के लिए हर महीने 7,000 से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। गुरुवार को यह जानकारी मिड-डे मील अथॉरिटी को उपलब्ध कराई गई।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि स्कूलों में मिड-डे मील पकाने के लिए एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज में फिलहाल एलपीजी की स्थिति से मिड-डे मील कार्यक्रम प्रभावित नहीं हुआ है।

जिला मिड-डे मील समन्वयक राजीव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी ने निर्देश दिया है कि स्कूलों को गैस सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएं। वर्तमान में स्कूलों में किसी प्रकार की समस्या नहीं है।

इधर, प्रयागराज जिला प्रशासन और नागरिक आपूर्ति विभाग ने एलपीजी आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने के लिए तीनों प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के क्षेत्रीय बिक्री अधिकारियों से संपर्क किया है। जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 144 गैस एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

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