बैतूल , सितंबर 07 -- मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से बैतूल जिले में "माटी गणेश, सिद्ध गणेश" अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत जिले के सभी 10 विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवांकुर संस्थाओं, मेंटर्स तथा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के एमएसडब्ल्यू और बीएसडब्ल्यू छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

कार्यशालाओं में प्रतिभागियों ने मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमाएं बनाईं और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को पर्यावरण अनुकूल गणेश उत्सव मनाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि प्रतिमाओं के विसर्जन से जल स्रोतों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके।

घोड़ाडोंगरी में आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि रूपचंद यादव सलैया और जिला समन्वयक संतोष सिंह राजपूत सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवांकुर संस्थाओं, मेंटर्स और विद्यार्थियों ने सहभागिता की। आमला में शासकीय डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यशाला में विकासखंड समन्वयक अरविंद माथनकर की उपस्थिति में विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिट्टी की प्रतिमाएं तैयार कीं। मूर्ति निर्माण में नितिन प्रजापति ने मार्गदर्शन दिया।

प्रभात पट्टन, शाहपुर, चिचोली, भीमपुर, भैंसदेही, मुलताई और आठनेर में भी विकासखंड समन्वयकों के नेतृत्व में विभिन्न गतिविधियां और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जिला समन्वयक संतोष सिंह राजपूत ने बताया कि अभियान के तहत 14 सितंबर तक सेक्टर स्तर पर मिट्टी से गणेश प्रतिमा निर्माण की कार्यशालाएं और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। सामाजिक कार्यकर्ता, नवांकुर संस्थाएं और मेंटर्स गांव-गांव पहुंचकर नागरिकों को पर्यावरण अनुकूल गणेश उत्सव मनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

उन्होंने कहा कि "माटी गणेश, सिद्ध गणेश" केवल प्रतिमा निर्माण का अभियान नहीं, बल्कि आस्था को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने वाला जनअभियान है। इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

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