ऐजल , अक्टूबर 22 -- मिजोरम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जबकि भाजपा ने इस प्रक्रिया का बचाव करते हुए इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बताया है।
मिजोरम प्रदेश कांग्रेस समिति (एमपीसीसी) ने सेरछिप में 'वोट हुमहिम ला, राम छनहिम रॉव' (वोट बचाओ, देश बचाओ) अभियान आयोजित किया। इस दौरान कांग्रेस ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर लोकतंत्र को कमजोर करने और नागरिकों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
एमपीसीसी के अध्यक्ष लाल थनजारा ने आरोप लगाया कि भाजपा निर्वाचन आयोग का इस्तेमाल मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाए जाने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी।
श्री थनजारा ने भाजपा पर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के अपने वैचारिक लक्ष्य को आगे बढ़ाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लालदुहोमा के नेतृत्व वाली मिजोरम की जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) सरकार भाजपा के साथ नजदीकी संबंध बनाने की कोशिश कर रही है।
मिजोरम के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के प्रभारी डॉ. ए. चेल्ला कुमार ने मतदान के अधिकार को लोकतंत्र की नींव बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर नागरिकों से उन अधिकारों को छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिनका वे आजादी के बाद से इस्तेमाल करते आ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मतदान के अधिकारों को निशाना बनाने से पहले धर्म, खानपान और पहनावे के आधार पर लोगों को बांटा। श्री चेल्ला कुमार ने कहा, "अगर भाजपा 13 करोड़ तक वोट हटवा सकती है, तो वह आपसे और मुझसे भी हमारे अधिकार छीनने की कोशिश कर सकती है।"उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर ईसाइयों को प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया और जेडपीएम सरकार की भाजपा के साथ गठबंधन करने की कथित कोशिशों की आलोचना की।
वहीं, भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के अभियान के नारे को भ्रामक और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित बताया। पार्टी ने एक बयान में कांग्रेस पर चुनावी धोखाधड़ी के निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया। एसआईआर का बचाव करते हुए भाजपा ने कहा कि इस पुनरीक्षण का उद्देश्य मृत व्यक्तियों, अपात्र पंजीकृत लोगों और दूसरे स्थानों पर जा चुके लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाना है, ताकि सूची में केवल पात्र मतदाता ही बने रहें।
भाजपा ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने 1951 से 2004 के बीच इसी तरह की पुनरीक्षण प्रक्रिया आठ बार पूरी की थी।
भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब चुनाव परिणाम उसके खिलाफ आते हैं, तो वह चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है, जबकि खुद या उसके सहयोगियों की जीत होने पर इसी प्रक्रिया को स्वीकार कर लेती है। उसने असम और त्रिपुरा में हाल ही में मतपत्रों के जरिए हुए चुनावों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि इनमें भाजपा तथा उसके सहयोगियों की जीत ने कांग्रेस के आरोपों की कमजोरी को उजागर किया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित