नयी दिल्ली , सितंबर 13 -- मिजोरम के बेहद दुर्गम और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाके में बनी बैराबी-सैरांग रेल लाइन ने रविवार को एक वर्ष की अवधि पूरी कर ली और इस अवधि के दौरान इसने राज्य के लोगों के लिए अवसरों का द्वार खोलने का काम किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत वर्ष 13 सितंबर को इस रेल लाइन का उद्घाटन किया था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज सोशल मीडिया एक्स पर इस रेल का एक वीडियो पोस्ट किया है और लिखा, "बैराबी-सैरांग रेल लाइन ने पूरा किया एक वर्ष, खोले अनंत अवसरों के द्वार।"इस क्षेत्र की खूबसूरत वादियों और घने जंगलों में जब सीटी बजाती हुई ट्रेन ऊंची पहाड़ियों पर बने विशाल पुलों से गुजरती है, तो नजारा फिल्मी दृश्य की तरह लगता है। रेलवे के अनुसार इस रेल लाइन ने मिज़ोरम के लिए तरक्की नया अध्याय शुरू किया। इसने महज एक साल में ही पहाड़ी राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में बेहतर मोबिलिटी, बाज़ारों तक ज़्यादा पहुँच, पर्यटकों के लिए बेहतर परिवहन विकल्प और युवाओं के लिए नये अवसर बनाने का रास्ता खोला है। मिज़ोरम के मुश्किल इलाकों में शुमार इस क्षेत्र में लंबी दूरी तक आवाजाही के लिए अभी तक लोग सड़कों मार्ग पर अधिक निर्भर थे। इसकी वजह से यात्रा में बहुत ज़्यादा समय लगता था, असुविधाजनक और सुरक्षा की चिंताएं लोगों को घेरे रखती थी, लेकिन बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन के शुरू होने से यह स्थिति पूरी तरह से बदल गयी।

रेलवे के मुताबिक बैराबी सैरांग रेलवे लाइन इंजीनियरिंग का बेजोड़ मिसाल है। इस रेलवे लाइन पर 153 पुल हैं, जिनमें 55 बड़े पुल, 88 छोटे पुल और 10 रोड ओवर ब्रिज/रोड अंडर ब्रिज शामिल हैं। छह पुल 70 मीटर से ज़्यादा ऊँचे हैं, जिनमें सबसे ऊँचा पुल 114 मीटर तक ऊँचा है, जो दिल्ली के कुतुब मीनार से 42 मीटर ऊँचा है। यह लाइन लगभग 16 किलोमीटर तक फैली 45 सुरंगों से भी गुज़रती है।

यह रेल गलियारा बैराबी से आगे रेलवे नेटवर्क को चार नए बने स्टेशनों होर्टोकी, कानपुई, मुआलखांग और आखिर में सैरांग रेलवे स्टेशन से जोड़ता है, जिससे मिज़ोरम की राजधानी आइज़ोल की दहलीज़ तक रेल सम्पर्क पूरा हो जाता है।

मौजूदा समय में लंबी दूरी की तीन ट्रेन सेवाएं मिजोरम की राजधानी आइजोल को गुवाहाटी, कोलकाता और दिल्ली शहरों से जोड़ती हैं। सैरंग-आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस ने मिजोरम को राष्ट्रीय राजधानी के साथ पहला सीधा अत्याधुनिक रेलवे सम्पर्क दिया, जबकि गुवाहाटी और कोलकाता के साथ रेलवे सम्पर्क ने देश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में प्रमुख शैक्षिक, वाणिज्यिक और चिकित्सा केंद्रों के साथ भरोसेमंद संबंध स्थापित किये। इसके अलावा, सैरांग-सिलचर यात्री ट्रेन सेवा ने सैरांग को असम की बराक घाटी से जोड़ने वाली एक नियमित और विश्वसनीय यात्री ट्रेन सेवा प्रदान की। इस ट्रेन को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गत जनवरी महीने में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

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