आइजोल , अगस्त 30 -- मिजोरम में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ जारी अभियान के तहत आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग ने चम्फई के जोतलंग क्षेत्र से म्यांमार निवासी महिला को 352 ग्राम से अधिक हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है।
विभाग के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे की गयी इस कार्रवाई में म्यांमार के चिन राज्य के खवमावी गांव की रहने वाली 27 वर्षीय लालपेकमावी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 352.310 ग्राम हेरोइन बरामद की गयी और एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे चम्फई नारकोटिक्स स्टेशन में रखा गया है।
यह कार्रवाई मिजोरम में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जारी कड़े रुख का हिस्सा है, खासकर म्यांमार से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर, जो इस क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थों का प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर रहा है। विभाग के अधिकारी जोह मिंगथांगा के अनुसार, मिजोरम में इस वर्ष अब तक 17.632 किग्रा से अधिक हेरोइन, 68.138 किग्रा मेथेमफेटामाइन और 11.531 किग्रा क्रिस्टल मेथेमफेटामाइन जब्त की जा चुकी है।
इसके अलावा 145.499 किग्रा गांजा और कई तरह की नशीली दवाएं भी जब्त की गयी हैं, युवा जिनका व्यापक रूप से दुरुपयोग कर रहे हैं। यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) के नेताओं के अनुसार, सख्त कार्रवाई के कारण मिजोरम में ड्रग की उपलब्धता में भारी कमी आयी है। स्थानीय आपूर्ति सीमित होने के कारण हालांकि नशा के कई लती अब पड़ोसी राज्य असम की ओर रुख कर रहे हैं।
आबकारी एवं नारकोटिक्स मंत्री लालहिंगलोवा हमार की अध्यक्षता में आयोजित 'रुइहलो दो' (नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान) कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गयी। बैठक में सुझाव दिया गया कि मिजोरम के कोलासिब और असम के कछार जिले के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को अंतरराज्यीय सीमा पर तस्करी रोकने के लिए जल्द ही एक संयुक्त रणनीति तैयार करनी चाहिए।
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