एजल , फरवरी 22 -- मिजोरम सरकार की खासतौर पर किसानों के लिए बनी 'बाना काइह' योजना से अदरक और हल्दी की उपज बढ़ी है।

मुख्यमंत्री के सलाहकार (हैंडहोल्डिंग योजना कार्यान्वयन) के.सी. लालमलसावमजुआवा ने यहां आयोजित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की क्षेत्रीय संवाद बैठक में बताया कि चुनींदा फसलों की पैदावार में सुधार हुआ है और अब सरकार का ध्यान मूल्य संवर्धन पर है।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित पैकेजिंग पर आयोजिक एक बैठक में श्री लालमलसावमजुआवा ने कहा कि किसानों का सशक्तिकरण केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें कृषि उत्पादों का संरक्षण, प्रसंस्करण और सुरक्षित पैकेजिंग भी शामिल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक पैकेजिंग मिजोरम के कृषि उत्पादों की बाजार क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि 'बाना काइह' योजना के तहत चार प्रमुख फसलों अदरक, हल्दी, मिजो मिर्च और झाड़ू घास की कटाई में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अधिक पैदावार से किसानों की आय सुनिश्चित नहीं होगी, जब तक कि उसे वैज्ञानिक संरक्षण और आधुनिक पैकेजिंग का साथ न मिले। सही पैकेजिंग न केवल उत्पादों की मियाद बढ़ती है, बल्कि ब्रांडिंग और उपभोक्ता मांग के अनुसार सुधार कर राज्य के बाहर बड़े बाजारों तक पहुंच भी आसान बनाती है।

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