लंदन , अप्रैल 14 -- मिचेल स्टार्क को विजडन क्रिकेटर्स अल्मनाक ने दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर चुना है। उन्होंने 2025 में शानदार प्रदर्शन किया और एशेज में अहम भूमिका निभाई। वहीं दीप्ति शर्मा को सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान मिला है। नवंबर में घरेलू जमीन पर भारत की ऐतिहासिक विश्व कप जीत में उनका बड़ा योगदान रहा।

इन पुरस्कारों का ऐलान अल्मनाक के 163वें संस्करण के प्रकाशन से पहले किया गया। 36 साल के स्टार्क ने इस साल 11 टेस्ट मैचों में 17.32 की औसत से 55 विकेट लिए। इसमें वेस्टइंडीज के ख़िलाफ सिर्फ़ नौ रन देकर छह विकेट लेने का उनका करियर बेस्ट प्रदर्शन भी शामिल रहा। इसके बाद 2025-26 एशेज के पहले दो टेस्ट में उन्होंने 18 विकेट झटके और पूरी सीरीज़ में 19.93 की औसत से 31 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई।

28 साल की दीप्ति शर्मा भारत की 'प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट' रहीं। भारत ने नवी मुंबई में खेले गए फ़ाइनल में दक्षिण अफ़्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार 50 ओवर का विश्व कप जीता। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 30.71 की औसत से 215 रन बनाए और 20.40 की औसत से 22 विकेट भी लिए। फ़ाइनल में उन्होंने 58 रन की अहम पारी खेली और 5 विकेट लेकर मैच अपने नाम किया।

भारत के पुरुष क्रिकेटरों को भी इस बार अल्मनाक में बड़ी पहचान मिली है। शुभमन गिल, रवींद्र जडेजा, ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज को विजडन के 'साल के 5 सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर' में शामिल किया गया। इन सभी ने पिछले साल इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 2-2 से ड्रॉ रही टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था।

गिल को विजडन ट्रॉफी भी मिली। यह पुरस्कार साल के सबसे बेहतरीन व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। उन्होंने एजबेस्टन टेस्ट में 430 रन बनाकर मैच जिताया था। वहीं अभिषेक शर्मा को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ टी 20 खिलाड़ी चुना गया। उन्होंने इस साल 1000 से ज़्यादा टी20 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट दो रन प्रति गेंद से भी ज़्यादा रहा।

इंग्लैंड की तरफ़ से इस बार बड़े पुरस्कार जीतने वाले इकलौते खिलाड़ी पूर्व ओपनर हसीब हमीद रहे। उन्हें भी 'साल के 5 सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर' में शामिल किया गया। उन्होंने नॉटिंघमशायर को काउंटी चैंपियनशिप जिताई और 66.00 की औसत से 1258 रन बनाए। उनके नाम दो दोहरे शतक समेत चार शतक रहे।

इस साल के विज़डन में एडिटर लॉरेंस बूथ ने ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड की 4-1 एशेज हार और उससे जुड़े विवादों पर भी चर्चा की है। इसमें यह खुलासा भी शामिल है कि सीरीज से पहले न्यूज़ीलैंड में टीम के उपकप्तान हैरी ब्रूक का एक नाइटक्लब बाउंसर के साथ विवाद हुआ था।

एडिटर नोट्स में बूथ ने इंग्लैंड की नाकामी पर अफसोस जताया। उन्होंने लिखा, "क्रिकेट के लंबे इतिहास में ऐसा कम ही देखने को मिला है कि किसी टीम ने इतना बड़ा मौक़ा इतनी लापरवाही से गंवाया हो। इंग्लैंड एशेज जीतने के इरादे से आया था, लेकिन अंत में उसका मज़ाक बन गया।"इंग्लैंड टीम मैनेजमेंट, जिसमें कोच ब्रेंडन मैकुलम और कप्तान बेन स्टोक्स शामिल हैं, को आगे भी टीम को संभालने का भरोसा दिया गया है। हालांकि बूथ ने उनके रवैये को "पहले से तय, ज़िद्दी और तर्क से दूर" बताया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड के पास आइडिया भी खत्म हो गए और समर्थन भी।

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