अमरोहा , अप्रैल 17 -- उत्तर प्रदेश में अमरोहा जिले की विशेष अदालत ने साढ़े तीन वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में दोषी को मात्र 60 दिनों के भीतर आजीवन कारावास तथा 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लोधी ने शुक्रवार को बताया कि मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत विशेष न्यायाधीश हेमलता त्यागी की अदालत ने आरोपी गजेन्द्र को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि थाना सैदनगली क्षेत्र के ग्राम कुंदरकी भूड़ निवासी गजेन्द्र के विरुद्ध अपनी पड़ोस की साढ़े तीन वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के आरोप में पांच जनवरी 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ पोक्सो अधिनियम सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य संकलन के बाद 27 दिनों में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामले की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की गई। सभी गवाहों को समय पर अदालत में प्रस्तुत कराया गया और प्रभावी पैरवी की गई।

अदालत ने आरोपी को धारा 65(2), 137(2) तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 5एम/6 के तहत दोषी पाते हुए शेष जीवनकाल तक आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

अभियोजन अधिकारी ने कहा कि यह फैसला नाबालिग बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराधों में त्वरित और प्रभावी न्याय का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

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