जगदलपुर , अप्रैल 16 -- ) छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से गुरुवार को बस्तर जिले के लोहांडीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत एरपुण्ड के मालेवाही में आयोजित सेवा शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में प्राप्त 608 आवेदनों में से 492 का मौके पर ही निराकरण किया गया।
कलेक्टर आकाश छिकारा ने शिविर में ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि नक्सल मुक्त हो रहे क्षेत्रों में अब शासन का फोकस विकास और जनकल्याण योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि ऐसे सेवा शिविरों के माध्यम से शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान और प्रशासन को जनता के निकट लाना है।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को मौके पर ही सेवाएं प्रदान की गईं। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
इस दौरान विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इनमें लखपति दीदी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, स्व सहायता समूहों को ईंट निर्माण मशीन, केसीसी कार्ड, आरबीसी छह-चार के तहत सहायता राशि, कोटवार नियुक्ति पत्र, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा किसान सम्मान निधि शामिल हैं। इसके अलावा महिला समूहों को वन विभाग की चक्रीय निधि से सहायता राशि भी प्रदान की गई।
शिक्षा, श्रम, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म भी आयोजित की गई।
शिविर में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जनपद पंचायत अध्यक्ष पदमा कश्यप, पूर्व विधायक लच्छूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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