नयी दिल्ली , जून 05 -- मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसमें पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि होटल मालिक लवकेश बजाज को पहले फर्जी भारतीय पासपोर्ट एवं जाली पहचान दस्तावेजों के माध्यम से बंगलादेशी नागरिकों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के अनुसार, बजाज की पहले हुई गिरफ्तारी बंगलादेशी नागरिकों के लिए अवैध दस्तावेज एवं पहचान पत्र उपलब्ध कराने में मदद करने से संबंधित थी और यह तथ्य वर्तमान जांच में एक महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है क्योंकि मामले की कई स्तरों पर जांच की जा रही है। मालवीय नगर गेस्ट हाउस अग्निकांड की जांच में दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने पहले ही संकेत दिया है कि संपत्ति का प्रशासनिक एवं लाइसेंस-संबंधी काम कथित रूप से अकाउंटेंट जय मिश्रा और प्रबंधक राकेश के माध्यम से किया गया था।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि लवकेश बजाज ने अपने अकाउंटेंट और मैनेजर के नाम और प्रमाणपत्रों का उपयोग करके गेस्ट हाउस के कई प्रमुख कार्य किया जिनमें एनओसी, लाइसेंस और अन्य अनुपालन-संबंधी कागजी कार्रवाई शामिल हैं। जांच के दौरान, दिल्ली पुलिस ने गेस्ट हाउस के प्रत्येक कमरों की जांच की और विभिन्न कमरों से लगभग 50-60 मोबाइल फोन बरामद किए। अधिकारियों ने लगभग 30 पासपोर्ट भी बरामद किए जिससे प्रांगण में विदेशी दखल एवं दस्तावेज़ प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चला है कि आग में अधिकांश पीड़ितों की मौत जलने से नहीं बल्कि दम घुटने और जहरीले धुएं के कारण हुई। अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि अधिकांश मृतक विदेशी नागरिक थे जो मेडिकल वीजा पर भारत आए थे। जांचकर्ताओं ने आगे खुलासा किया कि गेस्ट हाउस में कथित रूप से हर महीने लगभग 80 विदेशी मेहमान ठहरते थे, साथ ही सी-फॉर्म रखा जाता था और आधिकारिक रिकॉर्ड के भाग के रूप में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) में जमा किया जाता था।

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