चंडीगढ़ , अक्टूबर 29 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने नशे के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को घेरते हुए कहा है कि करीब पांच साल सत्ता में रहने के बाद सरकार अपनी विफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराकर जवाबदेही से नहीं बच सकती।

श्री शर्मा ने गुरुवार को यहां जारी बयान में सवाल उठाया कि भगवंत मान सरकार कथित तौर पर 250 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए नशा सर्वेक्षण के निष्कर्ष सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को यह जानने का अधिकार है कि सर्वेक्षण में राज्य में नशे की समस्या को लेकर क्या तथ्य सामने आए और सरकार रिपोर्ट जारी करने से क्योंबच रही है।

श्री शर्मा ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह सरकार के प्रदर्शन का श्रेय लेने के लिए अपने सर्वेक्षण के निष्कर्ष सामने रखने के बजाय अखबारों में प्रकाशित आंकड़ों का हवाला दे रहे हैं। भाजपा नेता ने राज्य सरकार से नशा तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा देने की मांग की। उन्होंने पूछा कि सरकार के करीब पांच साल के कार्यकाल में कितने बड़े नशा तस्करों को अदालतों से सजा दिलाई गई और नशे की लत से जूझ रहे कितने लोगों का प्रभावी पुनर्वास कराया गया।

उन्होंने पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम को लागू करने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाते हुए सरकार से इसका कारणस्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा पर आरोप लगाने के बजाय आप सरकार को अपने कार्यकाल में नशे के खिलाफ उठाए गए कदमों और उनकी सफलता पर जवाब देना चाहिए तथा अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।

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