चंडीगढ़ , अक्टूबर 21 -- दिल्ली हवाई अड्डे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामान की जांच और 50 हजार रुपये का चालान काटे जाने को लेकर पंजाब में सियासी विवाद गहरा गया है।

आम आदमी पार्टी (आप) ने इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से मान को अपमानित करने और पंजाब की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश बताया है, जबकि भाजपा ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में स्पष्टीकरण देने और चालान सार्वजनिक करने की मांग की है।

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव अनिल सरीन ने बुधवार को सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को हवाई अड्डे पर तीन घंटे क्यों रोका गया और किस नियम के उल्लंघन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से चालान की प्रति सार्वजनिक करने और कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने की मांग की।

उपलब्ध विवरणों में सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा सामान की जांच के दौरान अघोषित महंगी वस्तुएं मिलने और सीमा शुल्क संबंधी कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आई है। कुछ विवरणों के अनुसार, सामान से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री के साथ आए दल के सदस्यों को रोका गया था, न कि मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से हिरासत में लिया गया था। इस मामले में आप ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से प्रेरित बताया है, जबकि सीमा शुल्क प्रक्रिया के तहत जांच किए जाने की बात भी सामने आई है।

आप के प्रदेश मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि पेरिस से लौटने पर मान को दिल्ली हवाई अड्डे पर जानबूझकर तीन घंटे तक रोका गया। उन्होंने कहा कि पहले सामान के पहुंचने और उसकी जांच जारी होने की बात कही गई, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री को जाने की अनुमति मिलने पर भी अधिकारियों ने उन्हें रोककर 50 हजार रुपये का चालान थमा दिया।

श्री पन्नू ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के सामान को गाड़ी में रखकर रवाना होने की तैयारी के दौरान अधिकारी उनके पास पहुंचे और कहा कि उन पर ऊपर से भारी दबाव है। उन्होंने इस कार्रवाई को पंजाब की पहचान और गरिमा पर हमला करार दिया तथा केंद्र सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से काम करने का आरोप लगाया।

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