चंडीगढ़ , अप्रैल 29 -- हरियाणा सरकार ने आगामी मानसून सीजन से पहले बाढ़, हीटवेव और सूखे जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों में कंट्रोल रूम सक्रिय करने तथा समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली मजबूत करने के निर्देश दिये हैं।

पंचकूला स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहले से 24x7 कार्यरत है। जिलों को मई के मध्य तक बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है। संचार व्यवस्था, इंटरनेट और जनशक्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

कृषि विभाग को सूखा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गयी है, जबकि सिंचाई, स्वास्थ्य, पुलिस और अन्य विभागों को भी अहम कार्य सौंपे गये हैं। सरकार ने मॉक ड्रिल, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, राहत सामग्री और समयपूर्व चेतावनी प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया है।

सर्च एवं रेस्क्यू टीमों की तैनाती, अस्थायी आश्रय स्थल, पेयजल, स्वच्छता और खाद्य आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। साथ ही, बाढ़ के बाद बीमारियों की रोकथाम और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।

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