मुंबई , जून 21 -- महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र से पहले विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने राज्य सरकार की पारंपरिक चाय पार्टी का बहिष्कार किया और विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को छह पृष्ठ का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसानों की कर्जमाफी, नीट परीक्षा विवाद और विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति समेत कई मुद्दे उठाये गये हैं।
इसके बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि छह पृष्ठ का ज्ञापन ऐसा लगता है मानो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किया गया हो। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई नया मुद्दा नहीं है और ज्ञापन में उन्हीं विषयों को दोहराया गया है जिन पर सरकार पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।
श्री फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा, "लगता है कि उनके पास अब नये विचार और रचनात्मक सोच की कमी हो गयी है। मुझे खुशी है कि वे कम से कम तकनीक अपना रहे हैं। चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक साधनों का इस्तेमाल शुरू करने पर मैं उन्हें बधाई देता हूं।"उन्होंने किसान कर्जमाफी की मांग पर कहा कि उनकी सरकार इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि मानवीय आवश्यकता मानती है। उन्होंने कहा कि सरकार की मौजूदा राहत योजनाओं से लगभग 56 लाख किसानों को लाभ मिलेगा।
श्री फडणवीस ने विपक्ष की इस बात पर आलोचना की कि वे कोई नया मुद्दा नहीं उठा पाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के ज्ञापन में वही पुरानी बातें दोहराई गयी थीं, जिन पर सरकार पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने विपक्ष के आपसी तालमेल और सार्वजनिक रूप से सामने आने वाले मतभेदों पर भी हल्के-फुल्के अंदाज़ में तंज कसा।
राजनीतिक खींचतान के बावजूद, श्री फडणवीस ने कहा कि सरकार तीन हफ़्ते के इस सत्र का इस्तेमाल आम नागरिकों की चिंताओं पर सकारात्मक और समाधान-केंद्रित चर्चा के लिए करना चाहती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित