कोटा , जुलाई 02 -- राजस्थान में मानसून के दौरान वर्षा, आंधी-तूफान एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों में सुरक्षित एवं निर्बाध रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने व्यापक तैयारियां की हैं।

रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा और यात्रियों की संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंडल में विशेष निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था लागू की गयी है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा के निर्देशन में मानसून अवधि के दौरान रेल सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना पर प्रभावी ढंग से अमल किया जा रहा है। इसके तहत मंडल में 63 संवेदनशील स्थानों की पहचान करके वहां चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की गयी है। इन स्थानों पर 48 निगरानीकर्मी एवं 116 चौकीदार तैनात किये गये हैं, जो नियमित मानसून के दौरान गश्त लगाकर रेल पथ की सतत निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मंडल में बांध, पुल एवं अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं सहित रेल परिचालन को प्रभावित करने वाले 50 स्थानों को विशेष रूप से चिह्नित करके वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इसके अलावा संवेदनशील पुलों पर जलस्तर की वास्तविक समय में निगरानी के लिए छह स्थानों पर जलस्तर चेतावनी प्रणाली स्थापित किये गये हैं, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

श्री जैन ने बताया कि रेल पथ एवं यार्ड क्षेत्रों में जलभराव की संभावना को कम करने के लिए नालियों, पुलियाओं, जल निकासी मार्गों की व्यापक सफाई करायी गयी है। विद्युतीकृत रेलखंडों में सिग्नल एवं ट्रैक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल परिचालन में बाधा उत्पन्न करने वाली पेड़ों की शाखाओं की छंटाई भी करायी गयी है।

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