चंडीगढ़ , जुलाई 14 -- हरियाणा में सिरसा सीट से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि मानसून की पहली बारिश ने ही हरियाणा सरकार के मानसून पूर्व तैयारियों के दावों की पोल खोल दी है।
सुश्री सैलजा ने यहां जारी बयान में आरोप लगाया कि समय रहते नालों, खालों और जल निकासी मार्गों की सफाई तथा नदियों और ड्रेनों के तटबंधों की मरम्मत नहीं करायी गयी, जिसके कारण कई शहरों और गांवों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गये हैं। वहीं प्रदेश के कई इलाके अब भी सूखे और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जलभराव से आम नागरिकों, व्यापारियों, किसानों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी हो रही है। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और यातायात प्रभावित हुआ है। उन्होंने प्रदेशभर में मानसून पूर्व तैयारियों की स्वतंत्र जांच कराने, अधूरे कार्य तत्काल पूरे करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
सुश्री सैलजा ने कहा कि हर वर्ष 30 जून तक संबंधित विभागों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन इस बार भी लापरवाही बरती गयी। उन्होंने कहा कि यदि समय पर सफाई, अतिक्रमण हटाने और तटबंध मजबूत करने का काम पूरा किया जाता तो लोगों को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसून पूर्व तैयारियों पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं, लेकिन इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता।
पर्यावरण के मुद्दे पर उन्होंने येल यूनिवर्सिटी के 2026 पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक में भारत की 176वीं रैंक पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
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