भुवनेश्वर , अप्रैल 18 -- ओडिशा के बरगढ़ जिले की एक अदालत ने 38 साल के एक व्यक्ति को 15 साल पहले मानसिक रूप से अस्वस्थ एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का दोषी पाया और उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

बरगढ़ की महिला अदालत ने आरोपी नरेन नाइक को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया।

आरोपी ने मानसिक रूप से दिव्यांग नाबालिग पीड़िता को चॉकलेट देने के बहाने एक सुनसान घर में बुलाया और उसका यौन उत्पीड़न किया। उसने पीड़िता को इस बारे में किसी को न बताने की धमकी भी दी।

सरकारी वकील एमबी त्रिपाठी ने बताया कि यह घटना तब सामने आई जब पीड़िता के परिवार वालों ने उसे ढूंढ निकाला और बाद में पाया कि उसका यौन उत्पीड़न हुआ है।

अदालत ने मानसिक रूप से दिव्यांग नाबालिग के साथ किए गए अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और महिलाओं तथा समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया।

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