लखनऊ , जुलाई 2 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा बैठक में मानसिक मंदित और निराश्रित दिव्यांगों के लिए बड़ा फैसला लिया है। आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और 'हाफ वे होम' में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण के लिए प्रति संवासी अनुदान राशि 2,000 से बढ़ाकर 3,000 प्रतिमाह कर दी गई है।

योगी ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित और निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। उन्हें पौष्टिक भोजन, समुचित स्वास्थ्य देखभाल और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं। पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होने श्रवण बाधित बच्चों का शीघ्र चिह्नांकन कर समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट और उपचार के बाद उनके समुचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन देना है। उन्होंने विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक सुविधाओं और बाधारहित वातावरण विकसित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार शिक्षकों की समयबद्ध तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो। सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय, भौतिक और शैक्षिक पुनर्वास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने को कहा गया है।

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