बैतूल , अगस्त 31 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांगजनों के मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया जाएगा। इसके लिए जिला अस्पताल में समर्पित कक्ष एवं हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यहां दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को आवेदन पत्र प्राप्त करने, उसे भरने तथा प्रमाणपत्र से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी।

कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सक्षम के तहत दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं समावेशी विकास को लेकर बैठक हुई। बैठक में दिव्यांगजनों की पहचान, मूल्यांकन, अधिकार, सुविधाओं और सशक्तिकरण के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को सात प्रमुख प्रकोष्ठों में विभाजित कर शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में कार्य किया जाना है। सक्षम के तहत महिला, युवा, कला, क्रीड़ा, रोजगार, अनुसंधान और एडवोकेसी जैसे सात आयाम निर्धारित किए गए हैं।

कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग को जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र के आवश्यक स्टाफ की ड्यूटी लगाने और दिव्यांग सेवा केंद्र के संचालन की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सक्षम के लिए भी हेल्प डेस्क विकसित करने को कहा।

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