मानसा , अक्टूबर 13 -- पंजाब के मानसा शहर में मंगलवार सुबह नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की एक दवा दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना में उनके चार साथी भी गोली लगने से घायल हो गए। घटना का करीब पांच मिनट 48 सेकंड का वीडियो झोटा के फेसबुक पेज पर सीधा प्रसारित हुआ, जिसमें गोली चलने की आवाजें सुनाई देती हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, झोटा और उनके साथी दवा दुकान के मालिक के साथ कथित तौर पर नशीले पदार्थों को लेकर बहस कर रहे थे, तभी गोलीबारी हुई। सभी पांच घायलों को मानसा के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां झोटा को मृत घोषित कर दिया गया।

सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरमेल सिंह ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता झोटा को तीन गोलियां लगी थीं। इनमें से दो पेट और एक जांघ में लगी। उनके अनुसार, एक गोली जिगर को भेद गई, जिससे उनकी मौत हो गई। अन्य चार घायलों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में जुटने लगे।

इस बीच, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज आज दोपहर करीब तीन बजे पीड़ित परिवार और इलाके के लोगों से मिलने मानसा पहुंचेंगे। अकाल तख्त सचिवालय की ओर से जारी सूचना में यह जानकारी दी गई।

पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने झोटा की हत्या को नशे के खिलाफ भगवंत मान सरकार के अभियान पर सवाल उठाने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले पुलिस महानिदेशक ने भी राज्य में चिकित्सकीय दवाओं के दुरुपयोग में वृद्धि की बात स्वीकार की थी। श्री जाखड़ ने सरकार से पूछा कि इस समस्या को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और चिकित्सकीय नशीली दवाओं की कितनी खेप जब्त की गई हैं।

श्री जाखड़ ने सवाल किया कि ऐसी दवाओं की रोकथाम की जिम्मेदारी औषधि निरीक्षकों की नहीं है क्या। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पंजाब के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी झोटा की हत्या की निंदा करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में हत्याएं, गैंगस्टर गतिविधियां और खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री बढ़ रही है। ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की।

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