रायपुर , जून 17 -- छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होता है और भारत की युवा आबादी को कौशलयुक्त बनाकर ही विकसित देश के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

श्री देवांगन बुधवार को रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर और आइसेक्ट इंडिया समूह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ''समर्थ भारत कॉन्क्लेव-2026'' के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में परिवर्तन ही एकमात्र स्थिर तत्व है और भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विकसित भारत के लिए एआई संचालित कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यमिता जैसे विषयों पर केंद्रित यह आयोजन समय की आवश्यकता के अनुरूप है।

उद्योग मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि ऐसा इंजन है जो कौशल, अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास को नई दिशा और गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विकास तब तक पूर्ण नहीं माना जा सकता, जब तक उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक न पहुंचे।

उन्होंने वित्तीय समावेशन को विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना आवश्यक है। तकनीकी प्रगति और एआई के कारण आज आम नागरिक मोबाइल एप के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर पा रहा है।

श्री देवांगन ने समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पांच युवा उद्यमियों को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम को डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव पी.के. घोष तथा आइसेक्ट के चेयरमैन सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया।

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