नयी दिल्ली , अप्रैल 13 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ईंट भट्टों में कथित बंधुआ मजदूरी के 216 मामलों की 16 अप्रैल को ऑनलाइन सुनवाई करेगा।
यह सुनवाई सुबह 11:30 बजे से आयोग के राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित परिसर से वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जाएगी।
सुनवाई की अध्यक्षता एनएचआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन करेंगे।
आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव या उनके प्रतिनिधि, श्रम आयुक्त और सभी संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने अधिकारियों से बंधुआ मजदूरों की पहचान, उनकी रिहाई, कौशल प्रशिक्षण और पुनर्वास से जुड़ी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके साथ ही, श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने की प्रगति भी बताने के निर्देश दिए गए हैं।
इस सुनवाई में बंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के पालन और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। इसके अलावा, पुनर्वास पैकेज, सामाजिक सुरक्षा लाभ और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
एनएचआरसी की यह पहल बंधुआ मजदूरी के खिलाफ चल रही निगरानी और कार्रवाई का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रभावित श्रमिकों को न्याय दिलाना और उनके पुनर्वास को सुनिश्चित करना है।
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