बारां , अगस्त 10 -- राजस्थान के बांसवाड़ा जिला स्थित ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस बारां की ओर से राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष हंसराज मीणा ने सोमवार को कहा कि मानगढ़ धाम आदिवासी समाज के शौर्य, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। वर्ष 1913 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के दौरान 1500 से अधिक आदिवासियों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। यह बलिदान देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है।

उन्होंने कहा कि मानगढ़ धाम केवल धार्मिक अथवा ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। ऐसे ऐतिहासिक बलिदान स्थल को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देकर शहीद आदिवासियों को राष्ट्रीय सम्मान दिया जाना चाहिए।

श्री मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 में मानगढ़ धाम के विकास को लेकर घोषणा की थी, लेकिन राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की आदिवासी समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने इसे आदिवासी समाज की भावनाओं और पूर्वजों के बलिदान की उपेक्षा बताते हुए केंद्र सरकार से मानगढ़ धाम को शीघ्र राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की। इस दौरान संगठन महासचिव कैलाश जैन सहित जिला कांग्रेस समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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