अगरतला , सितंबर 16 -- त्रिपुरा की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने पिछले वर्ष जनवरी में प्रतिबंधित कफ सिरप की जब्ती से जुड़े एक मामले में एक महिला को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है।

पुलिस ने कहा कि यह दोषसिद्धि राज्य भर में नशीली दवाओं के अवैध व्यापार और प्रसार से निपटने के उद्देश्य से चलाये जा रहे 'नशा मुक्त त्रिपुरा अभियान' के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

विश्वसनीय सूचना के आधार पर दक्षिण त्रिपुरा के नृपेंद्र नगर गांव में 2025 में चंडी माला त्रिपुरा के आवास पर तलाशी ली गयी थी। तलाशी अभियान के दौरान मकान से प्रतिबंधित कफ सिरप की 75 बोतलें बरामद हुईं थीं।

इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस कानून के तहत मामला दर्ज किया था। सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए चंडी माला त्रिपुरा को एनडीपीएस कानून की धारा 21(बी) के तहत दोषी पाया।

अदालत ने उन्हें तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 25,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी। यदि आरोपी जुर्माना भरने में विफल रहती है, तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

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